bakrid ki namaz kaise padhe 2023

  1. हेलो दोस्तों मेरा नाम मोहम्मद आशिक है और आज आपके लिए एक अनोखी पोस्ट लेकर आया हूं आज की इस पोस्ट में Bakrid यानी ( ईद-उल-अज़हा ) Namaz Ka Tarika मुकम्मल बताऊंगा कुर्बानी से पहले हर मुसलमान को bakrid ka Namaz पढ़ना जरूरी है बकरीद की नमाज अदा करने के बाद आप कुर्बानी कर सकते हैं

 

तो चलिए शुरू करते हैं और आपको बताते हैं bakrid ki namaz kaise padhe और इसका sahi tarika क्या है बकरीद का नमाज और नमाज से थोड़ा हटकर होता है

bakrid ki namaz kaise padhe – और इसका सही तरीका क्या है
Note : बकरीद की नमाज़ दो रकअत की होती है

1. पहली रकात पढ़ने के तरीके :

Bakrid ki Namaz Ka Niyat
सबसे पहले बकरीद का नमाज का नियत कुछ इस प्रकार करना है जैसे – नियत कि मैंने 2 रकात ईद उल अज़हा कि वाजिब 6 जायज़ तकबीरों के वास्ते अल्लाह तलाह के पीछे इस इमाम के मुंह मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर

अल्लाहु अकबर कहते हुए दोनों हाथ को कानो तक उठाकर बांध लेना है। उसके बाद आपको दुआए सना पूरी पढ़नी है जैसे – दुआए सना – सुब हान कल-लाहुम्मा व बिहमदिका व-त बारकस्मुका व-त आला जददुका वला इलाहा गेंरुक”

सना पढ़ने के बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए कानो तक ले जाकर हाथ को छोड़ देना है ऐसा आपको 3 बार करना है चौथे बार में अल्लाहु अकबर कहते हुए हाथ को बांध लेना है इसके बाद आपका इमाम साहब (सूरह फातिहा और क़ुरान की कोई सूरह पढ़ेंगे बस आपको बड़े ही खामोशी से सूनना है

इसके बाद अल्लाह हू अकबर कहते हुए रुकू में चले जाना है और वहां पे यह पढ़ना है -” सुबहाना रब्बिल रब्बीयल अज़ीम” 3 बार या 5 बार फिर अल्लाह हू अकबर बोलते हुए सीधा खड़ा होना है खड़ा होते समय पढ़ना है “समीअल्लाह समी अल्लाहु लिमन हमीदह कहते हुए रुकु से खड़े होना है खरा होने के बाद “रब्बाना वा लकल-हम्द” कहना है

 

इसके बाद आपको अल्लाह हू अकबर बोलते हुए सजदे में चले जाना है और पढ़ना है ” सुबहाना रब्बिल अला ” 3 बार या 5 बार फिर अपने सर को उठाना है और अल्लाह हू अकबर बोलते हुए सजदे में चले जाना है और पढ़ना है ” सुबहाना रब्बिल अला ” 3 बार या 5 बार तो आपका एक रकात नमाज कंप्लीट होगया

2. दूसरी रकात पढ़ने के तरीके :
फिर आपको दूसरी रकात के लिए खरे हो जाना है फिर अल्लाह हू अकबर बोलते हुए अपने दोंनो हाथो बांध लेना है और पढ़ना है (अल्हम्दु पढ़ना) है उसके बाद कुरान की छोटी सुरह (कुल वल्लाहू पढ़ना) है इसके बाद तीन बार अल्लाह हू अकबर बोलना है और तीन बार अपने हाथों को कानों तक ले जाकर सीधा छोड़ देना है
चौथे बार में अल्लाह हू अकबर बोलते हुए आपको रुकूं में जाना है और पढ़ना है ” सुबहाना रब्बिल रब्बीयल अज़ीम” आपको इसको 3 बार या फिर 5 बार पढ़ना है

 

फिर अल्लाह हू अकबर बोलना है  समी अल्लाहु लिमन हमीदह कहते हुए रुकु से खड़े होना है और आपको खड़े में बोलना “रब्बाना वा लकल-हम्द” कहना है और अल्लाह हू अकबर कहते हुए आपको सजदे में चला जाना है फिर आपको सजदे में “सुबहाना रब्बिल अला” 3 बार या 5 बार पढ़ना है

फिर अल्लाह हू अकबर बोलकर आज सजदे सिर उठाना है और फिर अल्लाह हू अकबर बोलते हुए सजदे में चले जाना है जब आपका सजदा पूरा हो जाएगा तो आपको बैठकर यह पढ़ना है
” अत् तहिय्यातू लिल्लाही वस्सल वातू वत्तह्यीबातु
अस्सलामु अलैका या अय्यूहनबी वरहेमतुल्लाही वबरकातूहू
अस्सलामू अलैना वला इबादीस्साॅलेहीन
अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्न मुहम्मदून अब्दुहू व रसूलूहू ”

Note : अत्तहियात में जब ‘अशहदु अल्लाह इलाहा’ आयेगा तब आप अपनी शहादत की उंगली को उठा कर के छोड़ दें।

 

अत्तहियात के बाद आप दरूद शरीफ पढ़े, दरूद शरीफ पढ़ना जरूरी है। दरूद शरीफ जैसे –
अल्लाहुम्मा सल्ले अला
मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मदिन
कमा सललेँता अला इब्राहिम व अला आलि इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद।
अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिव व अला आलि मुहम्मदिन
कमा बारकता अला इब्राहिम व अला आलि इब्राहिम इन्नक हमीदुम मजीद।

इसके बाद आपको कोई दुआ पढ़नी है जो आपको याद हो जैसे कि कुछ इस प्रकार है दुआ – अल्लाहुम्मा इन्नी ज़लमतू नफ़्सी ज़ुलमन कसीरा,
वला यग़फिरुज़-ज़ुनूबा इल्ला अनता,
फग़फिरली मग़ फि-र-तम मिन इनदिका, वर हमनी इन्नका अनतल गफूरूर्र रहीम।

इसके बाद सलाम फेरे, पहले दाए, फिर बाए मुंह मोड़ दे
दोनों जानिब मुंह मोड़ते वक्त “अस्सलामु अलैकुम वा रहमतुल्ला” कहे
सलाम फेरने के बाद दोनों हाथ उठाकर दुआ मांगिए-

 

 

3. bakrid ki namaz ka time 2023

4. bakrid ki namaz ka calendar 2023
bakrid 2023 date
bakrid 2023 date in india
बकरीद 2023 में कब है

5. bakrid ki namaz ka surah hindi mein
6. bakrid ki namaz ka dua hindi mein

FAQ’S :

Q1. कुर्बानी क्यों की जाती है
Q2. कुर्बानी होने के बाद की दुआ
Q3. कुर्बानी का जानवर कैसा होना चाहिए
Q4. कुर्बानी किस पर वाजिब है
Q5. कुर्बानी की दुआ

Leave a comment