Deen ki Baatein hindi में | दीन और इस्लाम के रहस्य हिंदी में जानें….?

Deen ki Baatein hindi में | दीन और इस्लाम के रहस्य हिंदी में जानें….?

ज़ब सें दुनिया कि शुरूआत हुई हैं| तब सें लेकर आज तक बेहयाइ दुनिया में काफी फयलती जा रही हैं इसका मतलब हैं हजारों साल पहले जोभी लोगो में इंसानियत थी अब धिरे – धिरे खत्म होती नजर रही हैं| और यह एक दिन खत्म भी हो जायगी और ऐ सिल- सिला हजारों साल पहले सें ही चलता आरहा हैं तो चलिए Deen ki Baatein में इसका रहस्य क़ो समझते हैं|

इस्लाम का रहस्य

Islam रहस्य : Deen ki बातें

  • इस्लाम कब आया…?

लोगो क़ो माना हैं कि islam 1400 साल पहले आया लेकिन आप किसी जानकार मुस्लिम सें ऐ बाते पूछिएगा तो वो कहेगा कि ज़ब सें दुनिया कि शुरूआत हुई हैं| तब सें लेकर आजतक और कयामत ( दुनिया खत्म ) तक islam रहने वाली हैं| islam धर्म सच में दुनिया कि शुरूआती धर्म हैं क्योंकि islam धर्म में उतरा हुआ किताब क़ुरान में जोभी बाते कहीगईं हैं| आज कि दोर में सच होती नजर आरही हैं

क़ुरान का सच आज कि दौर में :

 

  • इंसान कि सच्चई Quran में

. सूरह अंबिया में युअर शाद होता है कि हमने हर जानदार चीज़ पानी से बनाई तो क्या वो ईमान न लाएंगे? आज हमें साइंस बताती हैं कि जमीन पर रहने वाली मखलूकात के सेल्स पानी से बने हुए हैं।

  • लोहे कि सच्चई Quran में 

. हमने लोहे को जबरदस्त ताकत देकर उतारा ताकि इंसान इसका फायदा उठा सकें मगर ये हकीकत है। साइंस ने खोज निकाला है कि अरबों साल पहले कुछ सितारे धमाके से फटे और ये मैटर औंस यानी बड़े बड़े पत्थरों के जरिये लोहा हमारी जमीन पर आया

  • आसमान कि सच्चई Quran में

.आसमान हमारी हिफाजत करता है। जमीन को सूरज की अल्ट्रावायलेट शो से बचाने के लिए आसमान एक अहम किरदार अदा करता है। अगर आसमान नहीं होता तो सूरज की रेडिएशन जमीन पर जिंदगी को जलाकर खत्म कर चुकी होती। आसमान जमीन के चारों ओर लिपटे हुए कंबल की तरह है, जो जमीन को जमा देने वाली ठंड से बचाए रखता है। आसमान के ऊपर का टेम्परेचर -270 सेंटिग्रेड होता है। यानी ये ठंड जमीन पर जिंदगी को जमा कर खत्म कर सकती है। मगर आसमान हमें सूरज की अल्ट्रा वाले शिव आए और शरदी जमा देने वाली ठंड दोनों से ही महफूज़ रखता है। कुरान में अल्लाह आसमान का जिक्र करते हुए फरमाता है कि हमने आसमान को एक महफूज छत बनाया और वो लोग उसके निशानियों से मुँह फेर लेते हैं।

 

  • पहाड़ कि सच्चई Quran में

Quran कि सूरह : में हमने जमीन को आराम करने वाली जगह नहीं बनाया और पहाड़ों को मेंखे । कुरान का मफ़हूम है कि पहाड़ों की जड़ें जमीन के बहुत अंदर तक दबी हुई है और इसकी तस्दीक जिओफिजिक्स फ्रैंक प्रेस की लिखी हुई किताब के अर्थ में मिलती है के पहाड़ असल में एक खुटे की तरह होते हैं। वो जितना जमीन के ऊपर होते हैं उससे कहीं ज्यादा वो जमीन के नीचे होते हैं जिसकी एक मिसाल माउंट एवरेज जोकि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है जिसके जमीन के ऊपर की ऊँचाई नौ किलोमीटर है, जबकि इसके जमीन के अंदर की गहराई 125 किलोमीटर के करीब है और इसका पता बींसवीं सदी की शुरुआत में प्लेट टेक्टॉनिक की तकनीक के बाद ही मुमकिन हो पाया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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